हम स्वयं को राजनीति से दूर रखते हैं, सरकार के निर्देशों का पालन करते हैं: सीडीएस रावत

जनरल बिपिन रावत (PIC-ANI)

दिल्ली, एक जनवरी (PTI) नवनियुक्त और देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि सशस्त्र बल स्वयं को राजनीति से दूर रखते हैं और सरकार के निर्देशों के अनुरूप काम करते हैं।

उनकी यह टिप्पणी इन आरोपों के बीच आई है कि वह राजनीतिक झुकाव रखते हैं।

सीडीएस के रूप में कार्यभार संभालने से महज कुछ दिन पहले ही रावत ने नए नागरिकता कानून को लेकर विरोध कर रहे लोगों की परोक्ष रूप से आलोचना की थी। इस पर विपक्ष, कार्यकर्ताओं और पूर्व सैन्य अधिकारियों की तरफ से प्रतिक्रियाएं आईं और उन पर राजनीतिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया।

कार्यभार संभालने के बाद रावत ने मीडिया से पहली बातचीत में यह भी कहा कि सीडीएस के तौर पर उनका ध्यान तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और एक टीम की तरह काम करने पर केंद्रित होगा।

सेना के तीनों अंगों से सलामी गारद मिलने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि थलसेना, नौसेना और वायुसेना एक टीम के तौर पर काम करेंगी। सीडीएस उन पर नियंत्रण रखेगा लेकिन कार्रवाई टीमवर्क के जरिए की जाएगी।’’

सेना का राजनीतिकरण किए जाने संबंधी आरोपों और सीडीएस पद के सृजन पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वयं को राजनीति से दूर रखते हैं। हम सत्ता में रहने वाली सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं।’’

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सीडीएस के रूप में रावत की नियुक्ति को लेकर मंगलवार को कई सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सीडीएस के संदर्भ में सरकार ने पहला ही कदम गलत उठाया है। इस निर्णय के दुष्प्रभाव के बारे में समय बताएगा।

वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने ट्वीट में कहा था कि रावत के वैचारिक झुकाव का असर गैर राजनीतिक संस्था सेना पर नहीं पड़ना चाहिए।

कांग्रेस ने हालांकि, बुधवार को तिवारी और चौधरी के बयानों से दूरी बना ली।

पार्टी प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस के किसी नेता ने कहा है, तो उस पर टिप्पणी नहीं करूंगी। सीडीएस का निर्णय भारत सरकार का है। हम आशा करते हैं कि वह अपने कर्तव्य का पालन करेंगे। भारत सरकार देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कोई भी कदम उठाएगी, तो कांग्रेस उसका विरोध नहीं करेगी।’’

बुधवार को सीडीएस के तौर पर प्रभार संभालने वाले जनरल रावत ने कहा कि उनका ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि तीनों सेनाओं को मिले संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ और सर्वोत्तम इस्तेमाल हो।

उन्होंने कहा, ‘‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का काम तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाना और उनकी क्षमता बढ़ाना है। हम इस ओर काम करते रहेंगे।’’

जनरल रावत ने कहा, ‘‘सीडीएस अपने निर्देशों से बल को चलाने की कोशिश नहीं करेगा। समन्वय की जरूरत है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि समन्वित कार्रवाई के जरिए सेना के तीनों अंगों के “1+1+1 का जोड़” “पांच या सात हो, न कि तीन हो। आपको तालमेल एवं समन्वय के जरिए और अधिक हासिल करना होगा, यही सीडीएस का लक्ष्य है।’’

समन्वय और संयुक्त प्रशिक्षण पर ध्यान देने के अलावा उन्होंने कहा कि खरीद के लिए प्रणाली में एकरूपता तथा सामंजस्य लाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि थलसेना, नौसेना और वायुसेना एक-दूसरे के सहयोग से काम कर सकें।

थिएटर कमान की स्थापना के बारे में पूछे जाने पर जनरल रावत ने कहा, ‘‘यह करने के कई तरीके हैं, मुझे लगता है कि हम सभी पश्चिमी तरीकों और दूसरों के किए की नकल कर रहे हैं। हमारी अपनी प्रणाली भी तो हो सकती है। हम एक-दूसरे की समझ से प्रणाली बनाने पर काम करेंगे और मुझे लगता है कि यह काम करेगी।’’

सेनाओं के बीच समन्वय लाने के लिए सरकार द्वारा तीन साल की समय-सीमा तय किए जाने पर सीडीएस ने कहा कि यह संभव है और वह इसके लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर सशस्त्र पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ मुठभेड़ में दो जवानों के शहीद होने पर उन्होंने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।

यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर काम करने के लिए तीनों सेनाओं की क्या योजनाएं हैं, उन्होंने कहा, ‘‘योजनाएं सार्वजनिक नहीं की जातीं। मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।’’

जनरल रावत ने कहा कि वह सीडीएस के तौर पर तीनों सेनाओं के प्रति निष्पक्ष रहेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सिर हल्का महसूस हो रहा है क्योंकि मैंने वो गोरखा टोपी उतार दी जिसे मैं 41 वर्षों से पहन रहा था, मैं ‘पीक कैप’ पहन रहा हूं जो यह बताने के लिए है कि हम अब निष्पक्ष हैं। सभी तीनों सेनाओं के प्रति निष्पक्ष रहेंगे।’’

उत्तरी सीमा पर चुनौतियों और वहां चीन की गतिविधियों के बारे में पूछने पर जनरल ने कहा कि सेना समेकित प्रयासों से काम करती रहेगी।

जनरल रावत तीन साल के कार्यकाल के बाद मंगलवार को सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए। सोमवार को उन्हें भारत का पहला सीडीएस नियुक्त किया गया था।

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