बच्चा चाहते हैं मगर तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं रुकता गर्भ? ध्यान दें- इन 7 बातों पर निर्भर करती है फर्टिलिटी

बच्चा न होने का कारण सिर्फ महिलाओं में नहीं कई बार पुरुषों में भी होता है। जानें आजकल युवाओं में इंफर्टिलिटी के 7 सबसे आम कारण।

अच्छा पैसा हो, अपना घर हो, अच्छी नौकरी या काम हो, तो जीवन सुख से बीतता है। यही कारण है कि आजकल युवा लड़के-लड़कियां अच्छी तरह सेटल होने के बाद ही शादी के फैसले तक पहुंचते हैं। लेकिन कई बार सबकुछ सही होने के बाद बच्चा न होने से परेशानियां शुरू हो जाती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इंफर्टिलिटी यानी बांझपन इतनी बड़ी समस्या बनती जा रही है कि दुनिया के दो-तिहाई कपल्स इससे परेशान हैं। सालों तक इलाज, दुआ और तरह-तरह के प्रयासों के बाद भी बहुत सारे लोगों को बच्चा नहीं होता है। कई बार कमी पुरुष में होती है, तो कई बार महिलाओं में, जिसके कारण गर्भ नहीं ठहरता है। हम आपको बता रहे हैं 7 ऐसे कारण जो गर्भ के ठहरने के लिए यानी फर्टिलिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए अगर आपकी शादी हो चुकी है या होने वाली है, ये बातें आपके बड़े काम आएंगी।

उम्र का पड़ता है असर

आजकल आर्थिक रूप से मजबूत होने और सेटल होने के चक्कर में लोग देर से शादी कर रहे हैं। बच्चे पैदा करने में उम्र का बड़ा महत्व होता है। जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती जाती है, उसके प्राकृतिक रूप से प्रेग्नेंट होने की संभावनाएं कम होती जाती हैं। इसका कारण यह है कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में बनने वाले अंडाशयों की क्वालिटी खराब होने लगती है, जिसके कारण गर्भ नहीं ठहरता है। इसके और भी कई कारण हो सकते हैं, लेकिन रिसर्च बताती हैं कि 40 साल की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी का चांस सिर्फ 25% रह जाता है। जबकि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं को गर्भ ठहरने में परेशानी आने लगती है।

पुरुष भी हो सकते हैं कारण

आमतौर पर लोग यही समझते हैं कि किसी महिला को गर्भ नहीं ठहर रहा है, तो समस्या उसके ही शरीर में होगी। जबकि कई बार पुरुष के कारण भी इंफर्टिलिटी की समस्या होती है। पुरुषों में धीरे-धीरे इंफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। रिसर्च के अनुसार आजकल हर 5 में से 1 पुरुष का स्पर्म काउंट कम होता है। बहुत सारे पुरुषों के स्पर्म की क्वालिटी खराब होती है या उनकी मोबिलिटी (तैरने की क्षमता) कम हो जाती है, जिसके कारण उन्हें बच्चा होने में परेशानी आती है।

लाइफस्टाइल (जीवनशैली) का पड़ता है असर

बच्चा होने में आपकी लाइफस्टाइल का भी बड़ा रोल होता है। आजकल के लड़के-लड़कियों में कम उम्र से ही सिगरेट और शराब की लत, जंक फूड्स और फास्ट फूड्स की लत होती है। इसके अलावा सोडा ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, जरूरत से ज्यादा शुगर आदि खाने से भी फर्टिलिटी पर असर पड़ता है। बहुत सारे युवा जीवन में बहुत कुछ हासिल करने के चक्कर में इतना तनाव लेते हैं कि तनाव के असर से भी कई बार गर्भ ठहरने में परेशानी आती है। कुल मिलाकर बच्चा चाहिए, तो आपको अपना खानपान हेल्दी रखना चाहिए, तनाव कम करना चाहिए और रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज करनी चाहिए।

महिलाओं में मोटापा है बड़ी समस्या

आजकल दुनियाभर में मोटापा बढ़ता जा रहा है। महिलाओं में मोटापा भी बच्चा न होने का एक बड़ा कारण है। दरअसल भारी वजनी यानी मोटी महिलाओं के पीरियड्स के साइकिल में कई तरह की गड़बड़ियां शुरू हो जाती हैं, जिसके कारण उन्हें आसानी से गर्भ नहीं ठहरता है। मोटापे के कारण महिलाओं में मिसकैरेज बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए जो कपल्स बच्चा चाहते हैं, उन्हें अपना वजन और पेट की चर्बी कंट्रोल में रखना चाहिए।

पीसीओएस (PCOS) की समस्या

महिलाओं में इंफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) है। ये समस्या महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण पैदा होती है, जिसके कारण महिलाओं की ओवरी में छोटी-छोटी छाले नुमा गांठ बन जाती हैं। इसकी वजह से पीरियड्स का साइकिल गड़बड़ होता है और कई बार तो पीरियड्स रुक भी जाते हैं। इस कारण से महिलाओं को गर्भ ठहरने में परेशानी आती है।

पीरियड्स में गड़बड़ी के कारण

महिलाओं के मासिक चक्र यानी पीरियड्स में गड़बड़ी के कारण भी कई बार गर्भ नहीं ठहरता है। पीरियड्स ठीक से आना, पीरियड्स कभी जल्दी तो कभी देर से आना आदि कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर पीरियड्स की ये गड़बड़ी 30 साल की उम्र के बाद शुरू होती है। इसलिए अपने पीरियड्स पर नजर रखें और अगर ओव्युलेशन के सही समय की जानकारी के लिए मोबाइल में कोई एप इंस्टॉल कर लें। ये एप आपको आसानी से ऑनलाइन मिल जाएंगे। अगर पीरियड्स में गड़बड़ी कई महीने से है, तो आपको डॉक्टर से मिलकर इस बारे में सलाह लेना चाहिए।

एक उम्र के बाद IVF तकनीक भी नहीं आती काम

जिन महिलाओं को प्राकृतिक रूप से गर्भ नहीं ठहरता है, वो आईवीएफ तकनीक से बच्चा पैदा कर सकती हैं। लेकिन समस्या यह है कि आईवीएफ तकनीक 100% मामलों में सफल नहीं होती है। इसके अलावा एक उम्र के बाद आईवीएफ तकनीक से बच्चा पैदा करने में भी परेशानी आती है। कई बार कपल्स इस बारे में इतनी देर में फैसला लेते हैं कि महिला में अंडों की क्वालिटी इस लायक नहीं रह जाती है कि उन्हें इस तकनीक से कंसीव कराया जा सके।

 

TEXT- ONLYMYHEALTH

 

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