प्रधानमंत्री, मंत्रियों सहित नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली लोकसभा सदस्यता की शपथ

PM OF INDIA

सत्रहवीं लोकसभा के पहले सत्र में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित नवनिर्वाचित सदस्यों ने निचले सदन की सदस्यता की शपथ ली।

शपथ लेने के लिए जैसे ही प्रधानमंत्री का नाम पुकारा गया सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया जबकि भाजपा के सदस्यों ने ‘‘मोदी..मोदी’’ और ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे लगाये।

मोदी ने सदन के नेता होने के कारण सबसे पहले शपथ ली। उन्होंने हिन्दी में शपथ ली।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद कांग्रेस के सदस्य के. सुरेश, बीजद के बी महताब और भाजपा के ब्रजभूषण शरण सिंह ने शपथ ली। सुरेश और सिंह ने हिंदी तथा महताब में उड़िया में शपथ ली।

कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने पीठासीन अध्यक्षों के जिस पैनल की घोषणा की उसमें ये तीनों सदस्य- के सुरेश, ब्रजभूषण शरण सिंह एवं बी महताब शामिल हैं।

इन तीनों सदस्यों के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और स्मृति ईरानी सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी शपथ ली।

हर्षवर्धन, श्रीपद नाइक, अश्वनी कुमारी चौबे और प्रताप सारंगी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली।

स्मृति ईरानी का नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के बाद भाजपा के कई सदस्यों ने जोरदार ढंग से मेजें थपथपाईं। दरअसल, ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी से हराकर लोकसभा पहुंची हैं।

पश्चिम बंगाल कोटे से मंत्रियों बाबुल सुप्रियो और देबश्री चौधरी के नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के बाद भाजपा सदस्यों ने ‘जयश्री राम’ के नारे लगाए। गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जयश्रीराम‘ के नारे लगाए थे जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी।

मंत्रियों का नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के दौरान लोकसभा महासचिव ने एक बार भूलवश केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम पुकारा, जबकि वह सदन के सदस्य निर्वाचित नहीं हुए हैं। बाद में उन्होंने भूल सुधारी और फिर प्रह्लाद जोशी का नाम पुकारा। केन्द्रीय मंत्री एवं अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाबी तथा भारी उद्योग मंत्री एवं शिवसेना नेता अरविन्द सावंत ने मराठी भाषा में शपथ ली।

सदन में पहले सदन के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, फिर पीठासीन अध्यक्ष पैनल के सदस्यों, उसके बाद केन्द्रीय मंत्रियों ने शपथ ली। इसके बाद सदस्यों ने राज्यों के अकारादि क्रम से शपथ ली। सबसे पहले आंध्र प्रदेश के सदस्यों, फिर असम और उसके बाद बिहार के सदस्यों ने शपथ ली।

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